कुछ समय से यह चिंता जताई जा रही थी कि क्या COVID-19 टीका लगवाने से अचानक मौत हो सकती है, खासकर युवाओं में। इस बात की सच्चाई जानने के लिए भारत सरकार की दो बड़ी स्वास्थ्य एजेंसियों – ICMR (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद) और AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) – ने गहराई से जांच की और बड़े अध्ययन किए।

इन अध्ययनों से क्या पता चला?
1. टीका और अचानक मौत के बीच कोई संबंध नहीं है
ICMR और AIIMS ने यह साफ किया है कि COVID-19 टीके और अचानक मौतों के बीच कोई सीधा रिश्ता नहीं है। यानी, टीका लगवाने से किसी की अचानक मौत नहीं हो रही।
2. कई वजहों से हो सकती है अचानक मौत
अचानक मौतें अक्सर पहले से मौजूद बीमारियों, हृदय की समस्याओं, आनुवंशिक कारणों (जैसे परिवार में दिल की बीमारी होना) या गलत जीवनशैली (जैसे धूम्रपान, शराब, ज्यादा तनाव) के कारण हो सकती हैं। ये मौतें टीके से नहीं जुड़ी हैं।
3. दो खास अध्ययन हुए
• पहला अध्ययन ICMR ने किया, जिसमें 18 से 45 साल के लोगों की अचानक मौतों का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि टीकाकरण से मौत का खतरा नहीं बढ़ता।
• दूसरा अध्ययन AIIMS कर रहा है, जो अब भी जारी है। अब तक के आंकड़ों से पता चला है कि युवाओं में अचानक मौत का सबसे बड़ा कारण दिल का दौरा (Heart Attack) है, और यह समस्या पहले से ही मौजूद थी — इसमें कोई नया बढ़ाव नहीं देखा गया है।
4. वैज्ञानिकों की राय
विशेषज्ञों ने कहा है कि COVID-19 के टीके सुरक्षित और असरदार हैं। उन्होंने लाखों जानें बचाई हैं। इसलिए उन्हें अचानक मौत से जोड़ना गलत और भ्रम फैलाने वाला है।
हां, यह बिलकुल सही है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) द्वारा किए गए व्यापक अध्ययनों ने COVID-19 टीकों और वयस्कों में अचानक मौतों के बीच किसी भी प्रकार के संबंध की पुष्टि नहीं की है।
इन अध्ययनों ने कई मामलों की जांच की और यह स्थापित करने की कोशिश की कि क्या टीकाकरण और अचानक मौतों के बीच कोई संबंध है। इन अध्ययनों के परिणामों ने यह साबित किया कि टीकों के साथ अचानक मौतों का कोई सीधा संबंध नहीं है।
40 से अधिक लोगों के लिए हृदय रोग प्रमुख मूक हत्यारा है। लक्षण अक्सर किसी का ध्यान नहीं जाते जब तक कि बहुत देर नहीं हो जाती। अपने चेक-अप को ग़ैर-परक्राम्य बनाएं और अपनी भलाई को दैनिक प्राथमिकता दें। आपका दिल सिर्फ़ ख़ून पंप नहीं कर रहा है, यह आपके जीवन को शक्ति दे रहा है।”
आयुः अपरिहार्य जोखिम कारकः
सीधे शब्दों में कहें, उम्र अपने आप में एक ग़ैर-संशोधित जोखिम बढ़ाने वाला है। जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते हैं, धमनियां कठोर हो जाती हैं, और हृदय प्रणाली पर संचयी पहनने और आंसू बढ़ जाते हैं। 40 के बाद, यह उम्र बढ़ने की प्रक्रिया चुपचाप तेज हो जाती है, अक्सर उच्च रक्तचाप और एथेरोस्क्लेरोसिस के लिए मंच तैयार करती है, यहां तक कि उन व्यक्तियों में भी जो स्वस्थ दिखाई देते हैं।
कैसे किया गया यह अध्ययन?
• देश के 19 राज्यों के 47 बड़े अस्पतालों से डेटा लिया गया।
• मई 2023 से अगस्त 2023 के बीच, 18–45 आयु वर्ग में उन लोगों की जांच की गई जिनकी अचानक मौत हुई, और उनकी तुलना ऐसे लोगों से की गई जो समान उम्र और स्थिति में थे लेकिन जीवित हैं।
• देखा गया कि क्या मौत वैक्सीन से जुड़ी थी, या अन्य कारण ज़िम्मेदार थे।
💉 क्या COVID टीका ने मौतों का खतरा बढ़ाया?
❌ नहीं — अध्ययन के अनुसार,
COVID वैक्सीन ने न तो मौत का खतरा बढ़ाया और न ही अचानक मौतों की दर में कोई बड़ी वृद्धि हुई।


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