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2025 में इन मामलों में आईटीआर दाखिल करने की ज़रूरत नहीं !

भारत का आयकर विभाग आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने के लिए अपने नियमों और आवश्यकताओं को अपडेट करता है। आकलन वर्ष 2025-26 (वित्तीय वर्ष 2024-25) के लिए, यह समझना महत्वपूर्ण है कि उनकी आय के स्रोतों और सीमाओं के आधार पर आईटीआर दाखिल करने से किसे छूट दी गई है।

आगे जानिये कि किन व्यक्तियों को 2025 में आईटीआर दाखिल करने की आवश्यकता नहीं है, और किन शर्तों के तहत इस छूट की अनुमति है।

🧾 ITR फॉर्म्स – कौन, क्यों और कैसे चुनें (AY 2025‑26)

1. ITR‑1 (SAHAJ)कौन फाइल कर सकता है:

• भारतीय निवासी (NRI/Not Ordinarily Resident को छोड़कर) कुल आय ≤ ₹50 लाख

• आय स्रोत: वेतन/पेंशन, एक घर की किराया आय, ब्याज/पेंशन/डिविडेंड, कृषि आय ≤ ₹5,000 

• कौन नहीं: डायरेक्टर, विदेश संपत्ति/आय/लाभ, ESOP वगैरह.

• नया बदलाव: अब आप ₹1.25 लाख तक LTCG (Section 112A) भी दर्ज कर सकते हैं, साथ में कोई कैपिटल लॉस नहीं होना चाहिए 

2. ITR‑2 कब चुनें:

• अगर आपने ITR‑1 के योग्य नहीं हैं (जैसे एक से अधिक प्रॉपर्टी, पूंजीगत लाभ, विदेशी आय) 

• HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) भी दर्ज कर सकता है

3. ITR‑3

• व्यापर या पेशे से आय हो तो

• या आप ITR‑1 / 2 / 4 योग्य नहीं हैं 

4. ITR‑4 (SUGAM)

• वेतन + व्यवसाय/पेशा से आय हो (प्रेसम्पटिव फ़ाइलिंग: 44AD, 44ADA, 44AE)

• आय ≤ ₹50 लाख, साथ ही LTCG ≤ ₹1.25 लाख 

• नहीं कर सकते: यदि डायरेक्टर, विदेश संपत्ति, कैपिटल लॉस या अधिक आय वाले हैं 

फ़ॉर्म उनके उपयोग:-

फॉर्मविवरण
Form 12BBHRA, एलटीसी, होम लोन ब्याज आदि की जानकारी नियोक्ता को देने के लिए
Form 16 / 16Aवेतन / अन्य स्रोतों पर कटे TDS का प्रमाणपत्र
Form 26AS / AISTDS/TCS/आय की पूरी जानकारी (राष्ट्रीय आय विवरण)
Form 15G/15Hबिना TDS कटे ब्याज प्राप्त करने के लिए (युवा / वरिष्ठ लोगों के लिए)
Form 10E89(1) राहत के लिए पूर्व/आगामी वेतन हेतु विवरण

🔄 नए अपडेट्स और बदलाव

1. समय सीमा बढ़ी – सामान्य ITR की अंतिम तारीख: 15 सितंबर 2025 

2. Excel टूल जारी – ITR‑1 और ITR‑4 के लिए utility 30 मई 2025 से उपलब्ध 

3. Aadhaar Enrolment ID हटाया गया – अब सिर्फ Aadhaar नंबर स्वीकार होगा 

4. TDS सेक्शन का उल्लेख जरूरी – ITR‑1,2,3,5 में TDS कटौती का सेक्शन देना अनिवार्य ()

5. Capital Gains में तारीख का विवरण – 23 जुलाई 2024 से पहले/बाद बिक्री के लिए अलग रिपोर्टिंग 

6. Assets/Liabilities रिपोर्टिंग – आय ₹1 करोड़ से ऊपर वालों के लिए आवश्यक 

7. Presumptive Business लिमिट बढ़ी – 44AD व्यापार ₹3 करोड़ तक, 44ADA पेशे ₹75 लाख तक 

📝 फाइलिंग के चरण

1. फॉर्म चुनें (उपरोक्त चार्ट देखें)

2. Excel utility डाउनलोड करें या ई–फाइलिंग पोर्टल पर भरे 

3. आय/काट-छांट/टीडीएस मिलान करें Form 26AS/AIS के साथ 

4. सही टैक्स रेजीम चुनें – नई या पुरानी व्यवस्था

5. XML/JSON जनरेट करें और पोर्टल पर अपलोड करें

6. दस्तावेज़ जमा करें, यदि नोटिस मिले तो अच्छे से दें

• आय ≤ ₹50 लाख, LTCG ≤ ₹1.25 लाख → ITR‑1 या ITR‑4 सबसे आसान

• व्यापार या पूंजीगत लाभ (बड़े लेवल पर) → ITR‑2 या ITR‑3

• समय सीमा: 15 सितंबर 2025

• बदलाव: Aadhaar सत्यापन, TDS सेक्शन, पूंजीगत लाभ रिपोर्टिंग, संपत्ति/दायित्व रिपोर्टिंग

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