हाल ही में UAE (Dubai) ने भारतीय अनुरोधों और नए आर्थिक रणनीति के चलते अपनी Golden Visa फीस को ₹4 करोड़ से घटाकर ₹23 लाख कर दिया है, ताकि केवल पूंजी निवेशकों तक सीमित न रहकर उच्च-कुशल पेशेवरों और मध्यम वर्ग के उम्मीदवारों को भी यह सुविधा मिल सके । इस बदलाव से भारत से लगभग 5,000 आवेदकों के अगले तीन महीनों में आवेदन करने की उम्मीद जताई जा रही है
यूएई के अपडेटेड गोल्डन वीजा प्रोग्राम, 4 करोड़ रुपये की पिछली आवश्यकता से 23 लाख रुपये में भारतीयों को आजीवन निवास की पेशकश करते हुए, सोशल मीडिया पर भारी चर्चा हुई है। लेकिन, संयुक्त अरब अमीरात, विश्व स्तर पर सबसे अमीर देशों में से एक, ऐसा कदम क्यों उठाएगा?
उद्देश्य: पूंजी से टैलेंट की ओर रुख
UAE अब शुद्ध पूंजी आकर्षित करने से आगे बढ़कर इनोवेशन-ड्रिवन अर्थव्यवस्था के लिए वैश्विक प्रतिभा लाना चाहती है । इंजीनियर, AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल कंटेंट क्रिएशन, स्वास्थ्य सेवा, शोध जैसे क्षेत्रों के पेशेवरों को लक्षित किया गया है । इससे UAE में लम्बे समय तक रहने वाले विशेषज्ञ और उद्यमी मिलेंगे, जो स्थानीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाएंगे
पहले की नीति के अनुसार, वीजा को 5-10 वर्षों के बाद नवीनीकृत करना पड़ता था। इसके अलावा, यदि उक्त संपत्ति बेची जाती है, तो व्यक्ति का वीजा रद्द कर दिया जाएगा। यह अब नए गोल्डन वीजा के साथ चिंता का विषय नहीं है, जो यूएई में आजीवन निवास प्रदान करता है।शून्य आयकर, कोई पूंजीगत लाभ या विरासत कर जैसे लाभ केक पर आइसिंग हैं।
यूएई प्रतिभा को सोना देना चाहता है?
यूएई के कदम के पीछे एक सुविचारित रणनीतिक इरादा है क्योंकि खाड़ी राष्ट्र धन के अलावा वैश्विक मोबाइल प्रतिभाओं को आकर्षित करना चाहता है।
इस साल की शुरुआत में, एक सर्वेक्षण में पाया गया कि यूएई में कुछ क्षेत्रों में कौशल-आधारित प्रतिभा की कमी का सामना करना पड़ रहा था, जैसे कि इंजीनियरिंग, बिक्री और विपणन, जो भर्ती की मांग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, द ख़लीज़ टाइम्स ने बताया।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि साइबर सुरक्षा, एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग में पेशेवरों की मांग भी बढ़ रही है।

योग्य आवेदकों में 15 से अधिक वर्षों के अनुभव वाले शिक्षक, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, शोधकर्ता, वैज्ञानिक, अनुभवी नर्स, स्कूल के प्रधानाचार्य और यहां तक कि 25 वर्ष से अधिक आयु के यूट्यूबर्स और पॉडकास्टर्स जैसे डिजिटल सामग्री निर्माता शामिल हैं।
How to apply for golden visa of UAE?
पाँच-चरणीय आवेदन प्रक्रिया(5 steps to follow)
नए नामांकन-आधारित Golden Visa के तहत, भारत और बांग्लादेश के नागरिक अब एकमुश्त AED 100,000 (≈₹23 लाख) फीस देकर पाँच सरल स्टेप्स में आवेदन कर सकते हैं।
1. श्रेणी का चयन और दस्तावेज़ तैयार करना
अपनी योग्यता के अनुसार उपयुक्त श्रेणी चुनें—जैसे निवेशक, उद्यमी, शोधकर्ता, क्लीनिकल स्टाफ, या डिजिटल कंटेंट क्रिएटर—और आवश्यक शैक्षणिक, अनुभव एवं पहचान संबंधी दस्तावेज़ इकट्ठे करें ।
2. नामांकन (Nomination)
अधिकृत एजेंसियों — Rayad Group या VFS ETM Services — के माध्यम से ऑनलाइन या काउंटर पर अपना फॉर्म जमा कराएं। ये एजेंसियाँ प्रारंभिक दस्तावेज़ सत्यापन करके आपका नामांकन UAE गृह मंत्रालय को अग्रेषित करती हैं ।
3. पृष्ठभूमि जांच (Background Checks)
नॉमिनेशन के बाद आपकी क्रिमिनल रिकॉर्ड, एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) स्क्रीनिंग, और सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच की जाएगी। इस चरण को Rayad Group या VFS की टीम संभालेगी ।
4. सरकारी अनुमोदन (Government Approval)
सर्वप्रथम UAE गृह मंत्रालय (Ministry of Interior) आपके नामांकन व पृष्ठभूमि रिपोर्ट की समीक्षा करता है। यदि सबकुछ ठीक पाया गया, तो आपको औपचारिक प्रारंभिक स्वीकृति (pre-approval) मिलती है ।
5. वीज़ा जारी (Visa Issuance)
· एक बार सरकारी मंजूरी के बाद, AED 100,000 की फीस ऑनलाइन जमा करें।
· 5 या 10 वर्षों के लिए वैध Golden Visa (renewable) जारी हो जाता है, जिसमें आप अपने परिवार को भी स्पॉन्सर कर सकते हैं ।
नोट: फीस जमा करने का मतलब स्वचालित स्वीकृति नहीं है—योग्यता, नामांकन और पृष्ठभूमि जांच में सफलता अनिवार्य है!
संपर्क और अधिक जानकारी
• Rayad Group & VFS ETM Services
• OneVasco ऑनलाइन पोर्टल: [onevasco.com/apply-uae-golden-visa]
• VFS Helpline: +91-22-62018483 (Mumbai)
प्रमुख लाभ है की Residency: आवेदक और उनके परिवार को स्थायी निवास का अधिकार,टैक्स बेनिफिट्स: कोई आयकर, पूंजीगत लाभ कर या वारिस कर नहीं,प्रोफेशनल अवसर: UAE में नौकरी, व्यापार और शिक्षा के बेहतर अवसर,परिवार स्पॉन्सरशिप: माता-पिता, दाम्पत्य साथी और बच्चे भी शामिल
चुनौतियाँ भी होगी जो की आधिकारिक पुष्टि का अभाव: कई मीडिया रिपोर्ट्स के बावजूद UAE सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी है । कठोर नामांकन मापदंड: केवल फीस जमा करना पर्याप्त नहीं, पेशेवर उपलब्धियाँ और संभावित योगदान भी साबित करना होगा । गोपनीयता चिंताएँ: सोशल मीडिया और ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी का जोखिम ।
आगे का मार्ग क्या होगा ?
• उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले तीन महीनों में 5,000+ भारतीय आवेदन करेंगे ।
• सलाहकारों का चेतावनी: बिना आधिकारिक विवरण के आवेदन की कोई गारंटी नहीं; आवेदक को भरोसेमंद स्रोतों से ही प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए ।
• भविष्य: यदि पायलट सफल रहा, तो इस नामांकन-आधारित मॉड्यूल को अन्य देशों तक भी विस्तारित किया जा सकता है, जिससे UAE का वैश्विक टैलेंट पूल और मजबूत होगा

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