Global tech world में एक और बड़ा झटका आया है — Amazon India अब अपने कर्मचारियों की संख्या में भारी कटौती करने जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी भारत में लगभग 800 से 1,000 लोगों को नौकरी से निकाल सकती है। यह फैसला Amazon के global restructuring plan का हिस्सा है, जिसमें दुनिया भर में करीब 14,000 jobs पर कैंची चलने की संभावना है।

Amazon का कहना है कि यह कदम कंपनी की “operational efficiency” बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है। इसका मतलब है कि कागजी कारवाई कम होगी और layers घटेंगी और accountability बढ़ेगी। भारत में जो departments सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे, उनमें Finance, HR, Marketing और Tech Teams शामिल हैं। कंपनी अब ज्यादा फोकस कर रही है Artificial Intelligence (AI) और Automation की दिशा में, जिससे future operations और cost efficiency सुधरेगी।
कंपनी का यह कदम अचानक नहीं है। Amazon ने पहले भी इशारा दिया था कि आने वाले सालों में AI revolution के चलते job roles में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। प्रभावित कर्मचारियों को कुछ हद तक support भी दिया जा रहा है — जैसे transition period, health benefits, और outplacement assistance। लेकिन फिर भी, ऐसे फैसले कई families के लिए एक emotional और financial challenge बन जाते हैं।
यह layoffs केवल numbers की बात नहीं है, बल्कि उन लोगों की कहानी है जिनकी ज़िंदगी अचानक बदल रही है। Job loss का डर, future planning का uncertainty और career में नया मोड़ — ये सब अब कई professionals के सामने है। इस घटना से यह भी साफ होता है कि बड़े tech giants में stability अब पहले जैसी नहीं रही।
इस move का असर सिर्फ Amazon तक सीमित नहीं रहेगा। इसका प्रभाव पूरे Indian tech ecosystem, startups, और young professionals की job expectations पर पड़ेगा। अब focus “new hiring” से हटकर “cost optimization” पर ज्यादा हो गया है। ऐसे में ज़रूरत है कि हर professional अपनी skills को upgrade करे, AI और automation tools को सीखे, और future-ready बने।
साफ है — ये layoffs केवल एक corporate decision नहीं, बल्कि एक संकेत हैं कि tech industry rapidly transforming है। अब वही टिकेगा जो change को अपनाएगा। इसलिए वक्त है reskill करने का, adapt करने का, और खुद को future proof बनाने का।
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