डीफार्मा (D.Pharma) के छात्रों के लिए हाल ही में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर आई है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने एग्जिट एग्जाम को लेकर नियमों में ढील दी है, जिससे हजारों छात्रों का साल खराब होने से बच जाएगा।

रजिस्ट्रेशन के लिए अस्थायी राहत (Provisional Registration)– PCI ने दिसंबर 2025 में जारी एक सर्कुलर के माध्यम से स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने 2022-23 सत्र में प्रवेश लिया था और 2023-24 सत्र में अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है, उन्हें 1 साल के लिए प्रोविजनल (अस्थायी) रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
बिना एग्जिट एग्जाम: इन छात्रों को अभी फार्मासिस्ट के रूप में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए एग्जिट एग्जाम देने की बाध्यता नहीं है।
फायदा: इससे छात्र अपनी नौकरी शुरू कर सकेंगे या अपनी फार्मेसी प्रैक्टिस शुरू कर पाएंगे।
रिन्युअल (Renewal) के लिए शर्त यह राहत केवल एक साल के लिए है। PCI ने साफ किया है कि यह प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन तब तक ही मान्य है जब तक कि एग्जिट एग्जाम (DPEE) आयोजित नहीं हो जाता। रजिस्ट्रेशन का रिन्युअल तभी होगा जब छात्र भविष्य में आयोजित होने वाले एग्जिट एग्जाम को सफलतापूर्वक पास कर लेगा। रिन्युअल भी हो सकेगा?
हाँ, इस नए अपडेट के अनुसार छात्र अभी अपना रजिस्ट्रेशन और आवश्यक कागजी कार्रवाई कर सकते हैं, लेकिन यह पूर्णतः “प्रोविजनल” होगा। इसका मतलब है कि भविष्य में अपनी लाइसेंस वैधता बनाए रखने के लिए एग्जाम पास करना अनिवार्य होगा।
यह राहत क्यों दी गई?
• एग्जाम में देरी: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा एग्जिट एग्जाम आयोजित करने में हो रही देरी के कारण हजारों छात्र बेरोजगार बैठे थे।
• छात्रों की मांग: देश भर के फार्मा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन न होने के कारण नौकरी और ट्रेनिंग में आ रही दिक्कतों के खिलाफ अपील की थी।
फार्मेसी एक्ट, 1948 की धारा 32(2) के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि डीफार्मा उत्तीर्ण छात्रों को निर्धारित शर्तों के अनुसार एग्जिट एग्जाम लागू होने तक अंतरिम रूप से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी किया जाए। इससे छात्रों को प्रैक्टिस और रोजगार में किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े और वे वैधानिक दायरे में कार्य कर सकें। एग्जिट एग्जाम से संबंधित अंतिम निर्णय लागू होने पर आगे की प्रक्रिया नियमानुसार तय की जाएगी।
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