गूगल पे (Google Pay) ने भारत के वित्तीय बाजार में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए ‘Flex’ नाम से एक नई क्रेडिट सुविधा की शुरुआत की है। इसका मुख्य उद्देश्य उन करोड़ों भारतीयों तक लचीला (flexible) और किफायती ऋण पहुँचाना है, जो पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं।
Flex क्या है? Flex केवल एक ऋण (Loan) नहीं है, बल्कि यह “क्रेडिट ऑन डिमांड” की सुविधा है। यह उपयोगकर्ताओं को उनकी ज़रूरत के समय तुरंत पैसे उधार लेने और उसे आसान किश्तों में चुकाने की अनुमति देता है। यह पूरी प्रक्रिया सीधे गूगल पे ऐप के भीतर डिजिटल रूप से पूरी होती है।
यह “रोजमर्रा के क्रेडिट” को कैसे बदल रहा है?
गूगल पे का लक्ष्य क्रेडिट को “जटिल प्रक्रिया” से हटाकर “रोजमर्रा की ज़रूरत” बनाना है:
• छोटे ऋण (Small Ticket Loans): अब आपको छोटी जरूरतों (जैसे बिजली का बिल या किराने का सामान) के लिए बड़े बैंक लोन की ज़रूरत नहीं है।
• बिना किसी कागजी कार्रवाई के: यह पूरी तरह से पेपरलेस अनुभव है, जो यूजर के ट्रांजेक्शन इतिहास और क्रेडिट प्रोफाइल पर आधारित होता है।
• सुविधाजनक पुनर्भुगतान (Flexible Repayment): यूजर्स अपनी सुविधानुसार किश्तें (EMIs) चुन सकते हैं, जिससे वित्तीय बोझ कम होता है।
भारतीय बाजार के लिए इसके मायने
भारत में क्रेडिट कार्ड की पहुंच अभी भी कम है। Flex इस अंतर को भरने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाता है:
• टियर 2 और टियर 3 शहरों पर ध्यान: यह उन लोगों के लिए वरदान है जिनके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है।
• ICICI बैंक और अन्य पार्टनर्स के साथ सहयोग: गूगल पे ने इसे विश्वसनीय वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर लॉन्च किया है, जिससे सुरक्षा और पारदर्शिता बनी रहती है।
• UPI के साथ एकीकरण: चूंकि भारत में UPI सबसे लोकप्रिय है, Flex क्रेडिट को UPI के साथ जोड़कर भुगतान को और भी आसान बना देता है।
